बदलाव की शुरूआत आप करेंगे

निम्‍नलिखित सामाजिक सरोकारों के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए यदि आपके पास अनूठे समाधान और उनके क्रियान्वयन की नीति हैं तो ‘‘जनहित जागरण’’ में हमारे भागीदार बनें:

सुशिक्षित समाज:

जनहित उद्देश्‍य-

  • समाज को शिक्षित बनाने में सहयोग करने के साथ ही लोगों को सभी क्षेत्रों में जागरूक करना। ख़ासकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • बच्‍चों में लोकतांत्रिक नागरिक मूल्य, दायित्‍वबोध राष्‍ट्रीयता एवं चारित्रिक संस्‍कारों का निर्माण करना।
  • हायर सेकंडरी स्‍तर तक स्‍कूल में बच्‍चों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करना।
  • शिक्षकों की कौशल वृद्धि एवं नवीन प्रशिक्षण प्रदान करना।

स्‍वस्‍थ समाज:

जनहित उद्देश्‍य-

  • समाज को स्‍वस्‍थ बनाने में सहयोग करने के साथ ही लोगों को स्‍वस्‍थ रहने और स्‍वास्‍थय के क्षेत्र में दुनियाभर में हो रही नई खोजों के बारे में जागरूक करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा से वंचित रह जाने वाले वर्ग के लिए श्रेष्‍ठ स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा उप्‍लब्‍ध कराना।
  • संक्रामक एवं कीटाणु जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सुरक्षात्‍मक पहल करना।

पर्यावरण संरक्षण:

जनहित उद्देश्‍य-

  • पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने के साथ ही लोगों को पर्यावरण को बचाए रखने के लिए प्रेरित करना। उन्‍हें पर्यावरण संरक्षण का महत्‍व समझाना और उसके समक्ष चु‍नौतियों के बारें में जागरूक करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • भू-रक्षण व जल एवं वायु प्रदूषण कम करने में सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित/विकसित करना।

जल संरक्षण:

जनहित उद्देश्‍य-

  • जल सरंक्षण में सहयोग करने के साथ ही लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना। उन्‍हें जल का महत्‍व समझाना और जल संरक्षण के समक्ष चुनौतियों के बारें में उन्‍हें जागरूक करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • भूमिगत जल पुनर्भरण व जल संचयन के लिए सस्‍ते व सुलभ विकल्‍प तैयार करना।
  • जल खपत को व्‍यवाहरिक रुप से कम करने के प्रति सामाजिक जागरूकता एवं सहभागिता सुनिश्चित करना।

जनसंख्‍या नियोजन मानव संसाधन प्रबंधन:

जनहित उद्देश्‍य–

  • मानवीय संसाधन के उचित दोहन के प्रति लोगों में जागरूकता का प्रसार करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • खेल, कला, हस्‍त शिल्‍प, मनोरंजन एवं परंपरागत/गैर परंपरागत विधाओं में प्रशिक्षण एवं रोज़गार सृजन।

गरीबी उन्‍मूलन:

जनहित उद्देश्‍य–

  • गरीबी उन्‍मूलन कि दिशा में लोगों को प्रेरित करना। लोगों को रोज़गार व व्‍यवसाय के क्षेत्र में नई-नई जानकारियां मुहैया कराकर उन्‍हें जागरूक करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • वंचित वर्ग का आर्थिक, सामाजिक व मनोवैज्ञानिक उत्‍थान करना।

नारी सशक्तिकरण:

जनहित उद्देश्‍य–

  • समाज में महिलाओं के उत्‍थान के लिए महिलाओं एवं पुरुषों को प्रेरित करना। महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त हो कर उभरें इसके लिए उनमें जागरूकता का संचार करना।

जनहित ल्‍क्ष्‍य-

  • महिलाओं को शिक्षा, स्‍वास्‍थय एवं उत्‍पादन संसाधनों के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनने में सहयोगी बनना ।
  • परिवार कल्‍याण योजनाओं और आर्थिक आत्‍म निर्भरता के द्वारा परिवार एवं समाज में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ करना।

वैकल्पिक लक्ष्‍य: दिये गए सामाजिक सरोकारों के लिए सुनिश्चित/निर्धारित लक्ष्‍यों से अलग, क्षेत्र या समुदाय विशेष, के उत्‍थान के लिए अगर कोई वैकल्पिक लक्ष्‍य हो तो आप उस लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए तैयार किया गया प्रोजेक्ट या योजना बनाऍं और ‘‘जनहित जागरण’’ अभियान में हिस्‍सा लें।

जनहित जागरण चयनित योजना के कार्यान्‍वयन के लिए रूपये 10 लाख तक की राशि का भुगतान जागरण पहल की प्रशासनिक निगरानी में सतत मूल्याँकन के आधार पर किया जाएगा। पहले एक वर्ष में समुचित प्रगति न होने पर शेष वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है। 

कौन भाग ले सकता है?

व्‍यक्ति समूह या संगठन जिसके पास निर्धारित सामाजिक समस्‍याओं का समाधान और क्रियान्वयन योजना हो।

  • प्रविष्टि पत्र दैनिक जागरण के कार्यालय से प्राप्‍त करें।
  • प्रविष्टि पत्र में पूछे गए सारे सवालों का सही विवरण दें।
  • आप दिए गए सामाजिक सरोकारों पर एक से अधिक प्रविष्टि पत्र भी जमा कर सकते हैं।
  • यदि आपकी योजनाओं का विवरण प्रविष्टि पत्र में दी गई जगह में समाहित नहीं होता है तो आप अन्‍य किसी कागज पर लिख कर/टाइप करके प्रविष्टि पत्र के साथ संलग्‍न कर सकते हैं।

प्रविष्टि पत्र और संलग्‍न योजना को नीचे दिए पते पर भेजें:

श्रीष दीक्षित, जनहित जागरण ऑफिस, स्‍ट्रैटेजी एंड ब्रांड डेवलपमेंट, जागरण प्रकाशन लिमिटेड, 50, ओखला इंडस्ट्रियल एस्‍टेट, फेज-।।।, नई दिल्‍ली-110020

www.janhitjagran.com पर भी प्रविष्टि पत्र भर सकते हैं।

हेल्‍पलाइन (भाग लेने के लिए किसी भी परामर्श हेतु हेल्‍पलाइन)

भाग लेने, प्रविष्टि पत्र भरने या अपनी प्रविष्टि के लिए वित्‍तीय सलाह के लिए निम्‍लिखित पर सम्‍पर्क करें:

कॉल करें: +91-8250380353 (सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच कॉल कर सकते हैं)

ई-मेल करें: info@janhitjagran.com

दैनिक जागरण के सात सरोकारों की व्‍याख्‍या, चुनौतियों और समाधान: इसके लिए देखें सम्‍पादकीय पेज के सम्‍मुख मुद्दा पेज।